संपूर्ण भारत में ई-केवाईसी प्रक्रिया को लेकर सरकार सख्त
भारत सरकार के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने पूरे देश में राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य कर दिया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और फर्जी लाभार्थियों को सूची से बाहर करना है। जिन कार्ड धारकों ने अब तक अपने आधार कार्ड के माध्यम से ई-केवाईसी सत्यापन नहीं कराया है, उन्हें आने वाले समय में मुफ्त राशन के लाभ से वंचित किया जा सकता है। सरकार ने इसके लिए सभी राज्यों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने स्तर पर शिविर लगाकर शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करें।
अपात्र लाभार्थियों की पहचान और कार्ड रद्दीकरण अभियान
राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के तहत भारत सरकार ने अपात्र लोगों की पहचान के लिए कड़े मानक तय किए हैं। ऐसे लोग जो आयकर (Income Tax) भरते हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन है, या जो निर्धारित सीमा से अधिक कृषि भूमि के मालिक हैं, उनके राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। डेटा के अनुसार, देश भर में लाखों ऐसे कार्डों की पहचान की गई है जो या तो मृतकों के नाम पर चल रहे थे या उन लोगों के पास थे जो आर्थिक रूप से संपन्न हैं। इस कार्रवाई से सरकार को करोड़ों टन अनाज की बचत होगी, जिसे वास्तविक गरीबों तक पहुँचाया जा सकेगा।













